भारत के उच्च न्यायालयों के नाम, स्थापना वर्ष और उनके स्थान

भारत के उच्च न्यायालयों के नाम, स्थापना वर्ष और उनके स्थान 




भारत के प्रत्येक हाईकोर्ट का अधिकार क्षेत्र भारत के राज्य, केंद्रशासित प्रदेश या एक से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के एक समूह पर है। उच्च न्यायालयों के नीचे अधीनस्थ अदालतों की श्रेणी है, जैसे कि सिविल कोर्ट, पारिवारिक न्यायालय, आपराधिक न्यायालय, विभिन्न जिला न्यायालय आदि| उच्च न्यायालयों का काम मुख्य रूप से निचली अदालतों से की गई अपीलों की सुनवाई करना होता है, इसके अतिरिक्त कई अन्य कार्य भी हाईकोर्ट के कार्यों के अंतर्गत आते हैं| प्रत्येक उच्च न्यायालय का अपना अपना अधिकार क्षेत्र होता है|
भारत में कुल कितने उच्च न्यायालय हैं?- भारत में कुल 25 उच्च न्यायालय हैं|

उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, भारत के मुख्य न्यायाधीश और राज्य के राज्यपाल के परामर्श से भारत के राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त किए जाते हैं| कोलकाता उच्च न्यायालय, मुंबई उच्च न्यायालय, मद्रास उच्च न्यायालय और इलाहाबाद उच्च न्यायालय भारत में सबसे पुराने चार उच्च न्यायालय हैं।

उच्च न्यायालय भारतीय संविधान के अनुच्छेद 214, अध्याय 5 भाग 6 के अंतर्गत स्थापित किए गए हैं। न्यायिक प्रणाली के भाग के रूप में, उच्च न्यायालय राज्य विधायिकाओं और अधिकारी के संस्था से स्वतंत्र हैं। 


1.न्यायालय का नाम: चेन्नई उच्च न्यायालय
स्थापना तिथि: 5 अगस्त 1862
किस अधिनियम के अंतर्गत स्थापित किये गए: भारतीय उच्च न्यायालय अधिनियम 1861
अधिकार क्षेत्र: पांडिचेरी, तमिलनाडु 
मुख्य पीठ: चेन्नई 
खंडपीठ: मदुरै


2. न्यायालय का नाम: मुंबई उच्च न्यायालय
स्थापना तिथि: 14 अगस्त 1862 
किस अधिनियम के अंतर्गत स्थापित किये गए: भारतीय उच्च न्यायालय अधिनियम 1861 
अधिकार क्षेत्र: गोवा, दादरा और नगर हवेली, दमन और दीव, महाराष्ट्र
मुख्य पीठ: मुंबई
खंडपीठ: नहीं


3. न्यायालय का नाम: कोलकाता उच्च न्यायालय
स्थापना तिथि: 2 जुलाई 1862
किस अधिनियम के अंतर्गत स्थापित किये गएभारतीय उच्च न्यायालय अधिनियम 1861 
अधिकार क्षेत्र: अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, पश्चिम बंगाल
मुख्य पीठ: कोलकाता
खंडपीठ: ग्वालियर, इंदौर


4. न्यायालय का नाम: इलाहाबाद उच्च न्यायालय
स्थापना तिथि: 11 जून 1866
किस अधिनियम के अंतर्गत स्थापित किये गए: भारतीय उच्च न्यायालय अधिनियम 1861
अधिकार क्षेत्र: उत्तर प्रदेश
मुख्य पीठ: इलाहाबाद
खंडपीठ: लखनऊ


5. न्यायालय का नाम: कर्नाटक उच्च न्यायालय
स्थापना तिथि: 1884
किस अधिनियम के अंतर्गत स्थापित किये गए: मैसूर उच्च न्यायालय अधिनियम, 1884 
अधिकार क्षेत्र: कर्नाटक
मुख्य पीठ: बैंगलोर
खंडपीठ: नहीं


6. न्यायालय का नाम: पटना उच्च न्यायालय
स्थापना तिथि: 2 सितम्बर 1916
किस अधिनियम के अंतर्गत स्थापित किये गएमुकुट द्वारा जारी पत्र पेटेंट
अधिकार क्षेत्र: बिहार
मुख्य पीठ: पटना 
खंडपीठ: नहीं


7. न्यायालय का नाम: जम्मू और कश्मीर उच्च न्यायालय
स्थापना तिथि: 28 अगस्त 1928
किस अधिनियम के अंतर्गत स्थापित किये गएतत्कालीन महाराजा कश्मीर द्वारा जारी पत्र पेटेंट
अधिकार क्षेत्र: जम्मू और कश्मीर
मुख्य पीठ: श्रीनगर / जम्मू
खंडपीठ: नहीं


8. न्यायालय का नाम: मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय
स्थापना तिथि: 2 जनवरी 1936 
किस अधिनियम के अंतर्गत स्थापित किये गए: भारत सरकार अधिनियम, 1935
अधिकार क्षेत्र: मध्य प्रदेश
मुख्य पीठ: जबलपुर 
खंडपीठ: नहीं


9. न्यायालय का नाम: पंजाब और हरियाणा  उच्च न्यायालय
स्थापना तिथि: 15 अगस्त 1947
किस अधिनियम के अंतर्गत स्थापित किये गए: पंजाब उच्च न्यायालय अध्यादेश, 1947
अधिकार क्षेत्र: चंडीगढ़, हरियाणा, पंजाब
मुख्य पीठ: चंडीगढ़
खंडपीठ: जयपुर


10. न्यायालय का नाम: ओडिशा उच्च न्यायालय
स्थापना तिथि: 3 अप्रैल 1948 
किस अधिनियम के अंतर्गत स्थापित किये गए: ओडिशा उच्च न्यायालय के अध्यादेश, 1948 
अधिकार क्षेत्र: ओडिशा  
मुख्य पीठ: कटक
खंडपीठ: नहीं


11. न्यायालय का नाम: गुवाहाटी उच्च न्यायालय 
स्थापना तिथि: 1 मार्च 1948
किस अधिनियम के अंतर्गत स्थापित किये गए: भारत सरकार अधिनियम, 1935
अधिकार क्षेत्र: अरुणाचल प्रदेश, असम, मिजोरम, नागालैंड
मुख्य पीठ: गुवाहाटी
खंडपीठ: आइजोल, ईटानगर, कोहिमा


12. न्यायालय का नाम: राजस्थान उच्च न्यायालय
स्थापना तिथि: 21 जून 1949
किस अधिनियम के अंतर्गत स्थापित किये गए: राजस्थान उच्च न्यायालय अध्यादेश, 1949
अधिकार क्षेत्र: राजस्थान
मुख्य पीठ: जोधपुर 
खंडपीठ: नहीं


13. न्यायालय का नाम: तिलंगाना उच्च न्यायालय 
स्थापना तिथि: 5 जुलाई 1954 
किस अधिनियम के अंतर्गत स्थापित किये गए: आंध्र राज्य अधिनियम, 1953. 2 जून, 2014 को आंध्र प्रदेश के विभाजन के बाद आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के लिए हैदराबाद में एक ही उच्च न्यायालय था, अब इस हैदराबाद के उच्च न्यायालय को तेलंगाना उच्च न्यायालय के नाम से जाना जायेगा.
अधिकार क्षेत्र: तेलंगाना
मुख्य पीठ: हैदराबाद
खंडपीठ: नहीं


14. न्यायालय का नाम: केरल उच्च न्यायालय
स्थापना तिथि: 1956
किस अधिनियम के अंतर्गत स्थापित किये गए: राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956
अधिकार क्षेत्र: केरल, लक्षद्वीप
मुख्य पीठ: कोच्चि
खंडपीठ: पोर्ट ब्लेयर


15. न्यायालय का नाम: गुजरात उच्च न्यायालय 
स्थापना तिथि: 1 मई 1960
किस अधिनियम के अंतर्गत स्थापित किये गए: बॉम्बे पुनरोद्धापन अधिनियम, 1960
अधिकार क्षेत्र: गुजरात
मुख्य पीठ: अहमदाबाद
खंडपीठ: नहीं


16. न्यायालय का नाम: दिल्ली उच्च न्यायालय 
स्थापना तिथि: 31 अक्टूबर 1966
किस अधिनियम के अंतर्गत स्थापित किये गएदिल्ली उच्च न्यायालय अधिनियम, 1966
अधिकार क्षेत्र: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली
मुख्य पीठ: नई दिल्ली
खंडपीठ: नहीं


17. न्यायालय का नाम: हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय
स्थापना तिथि: 1971
किस अधिनियम के अंतर्गत स्थापित किये गए: हिमाचल प्रदेश अधिनियम, 1970 राज्य
अधिकार क्षेत्र: हिमाचल प्रदेश
मुख्य पीठ: शिमला 
खंडपीठ: नहीं


18. न्यायालय का नाम: सिक्किम उच्च न्यायालय
स्थापना तिथि: 16 मई 1975
किस अधिनियम के अंतर्गत स्थापित किये गए: भारतीय संविधान में 36 वां संशोधन
अधिकार क्षेत्र: सिक्किम
मुख्य पीठ: गंगटोक
खंडपीठ: नहीं


19. न्यायालय का नाम: छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय
स्थापना तिथि: 1 नवंबर 2000 
किस अधिनियम के अंतर्गत स्थापित किये गए: मध्य प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2000 
अधिकार क्षेत्र: छत्तीसगढ़
मुख्य पीठ: बिलासपुर
खंडपीठ: नहीं


20. न्यायालय का नाम: उत्तराखंड उच्च न्यायालय
स्थापना तिथि: 9 नवंबर 2000 
किस अधिनियम के अंतर्गत स्थापित किये गए: उत्तर प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2000
अधिकार क्षेत्र: उत्तराखंड
मुख्य पीठ: नैनीताल
खंडपीठ: नहीं


21. न्यायालय का नाम: झारखंड उच्च न्यायालय
स्थापना तिथि: 15 नवंबर 2000 
किस अधिनियम के अंतर्गत स्थापित किये गए: बिहार पुनर्गठन अधिनियम, 2000 
अधिकार क्षेत्र: झारखंड
मुख्य पीठ: रांची 
खंडपीठ: धारवाड़, गुलबर्गा


22. न्यायालय का नाम: मेघालय उच्च न्यायालय
स्थापना तिथि: 23 मार्च 2013 
किस अधिनियम के अंतर्गत स्थापित किये गए: उत्तर-पूर्वी क्षेत्र (पुनर्गठन) और अन्य संबंधित कानून (संशोधन) अधिनियम, 2012
अधिकार क्षेत्र: मेघालय
मुख्य पीठ: शिलोंग
खंडपीठ: औरंगाबाद, नागपुर, पणजी


23. न्यायालय का नाम: मणिपुर उच्च न्यायालय
स्थापना तिथि: 25 मार्च 2013 
किस अधिनियम के अंतर्गत स्थापित किये गए: उत्तर-पूर्वी क्षेत्र (पुनर्गठन) और अन्य संबंधित कानून (संशोधन) अधिनियम, 2012
अधिकार क्षेत्र: मणिपुर
मुख्य पीठ: इम्फाल 
खंडपीठ: नहीं


24. न्यायालय का नाम: त्रिपुरा उच्च न्यायालय
स्थापना तिथि: 26 मार्च 2013 
किस अधिनियम के अंतर्गत स्थापित किये गए: उत्तर-पूर्वी क्षेत्र (पुनर्गठन) और अन्य संबंधित कानून (संशोधन) अधिनियम, 2012
अधिकार क्षेत्र: त्रिपुरा 
मुख्य पीठ: अगरतला
खंडपीठ: नहीं


25. न्यायालय का नाम: आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय 
स्थापना तिथि: 1 जनवरी 2019 (कार्य शुरू होगा)
आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम 2014 के तहत आंध्र प्रदेश और तेलंगाना दो अलग-अलग राज्य बने. यह भारत का 25वां उच्च न्यायालय होगा. 2 जून, 2014 को आंध्र प्रदेश के विभाजन के बाद आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के लिए हैदराबाद में एक ही उच्च न्यायालय था, अब इस हैदराबाद के उच्च न्यायालय को तेलंगाना उच्च न्यायालय के नाम से जाना जायेगा.
अधिकार क्षेत्र: आंध्र प्रदेश
मुख्य पीठ: आंध्र प्रदेश की राज्शानी अमरावती जस्टिस सिटी
खंडपीठ: नहीं


उच्च न्यायालय का गठन कैसे होता है?
प्रत्येक उच्च न्यायालय का गठन एक मुख्य न्यायाधीश तथा ऐसे अन्य न्यायाधीशों को मिलाकर किया जाता है, जिन्हें राष्ट्रपति समय-समय पर नियुक्त करते हैं 

उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति कैसे होती है?

उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के अतिरिक्त अन्य न्यायाधीशों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा भारत के मुख्य न्यायाधीश से, उस राज्य के राज्यपाल से तथा सम्बन्धित उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श करके की जाती है। इस सम्बन्ध में यह प्रक्रिया अपनाई जाती है कि उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश राज्य के राज्यपाल के पास प्रस्ताव भेजता है और राज्यपाल उस प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री से परामर्श करके उसे प्रधानमंत्री के माध्यम से राष्ट्रपति के पास भेजता है। राष्ट्रपति उस प्रस्ताव पर भारत के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श करके न्यायाधीश की नियुक्ति करता है।

उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की योग्यता:

अनुच्छेद 217 के अनुसार कोई व्यक्ति किसी उच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त होने के योग्य तब होगा, जब वह–
  • भारत का नागरिक हो और 62 वर्ष की आयु पूरी न की हो।
  • कम से कम 10 वर्ष तक न्यायिक पद धारण कर चुका हो। न्यायिक पद धारण करने की अवधि की गणना करने में वह अवधि भी सम्मिलित की जाएगी, जिसके दौरान कोई व्यक्ति पद धारण करने के पश्चात किसी उच्च न्यायालय का अधिवक्ता रहा है या उसने किसी अधिकरण के सदस्य का पद धारण किया है या संघ अथवा राज्य के अधीन कोई ऐसा पद धारण किया है, जिसके लिए विधि का विशेष ज्ञान अपेक्षित है।
  • किसी उच्च न्यायालय में एक या से अधिक उच्च न्यायालयों में लगातार 10 वर्ष तक अधिवक्ता रहा हो। किसी उच्च न्यायालय का अधिवक्ता रहने की अवधि की गणना करते समय वह अवधि भी सम्मिलित की जाएगी, जिसके दौरान किसी व्यक्ति ने अधिवक्ता होने के पश्चात न्यायिक पद धारण किया है या किसी अधिकरण के सदस्य का पद धारण किया है या संघ अथवा राज्य के अधीन कोई ऐसा पद धारण किया है, जिसके लिए विधि का विशेष ज्ञान अपेक्षित है।

उच्च न्यायालय के न्यायाधीश शपथ कौन दिलाता है?

उच्च न्यायालय के न्यायाधीश को उस राज्य, जिसमें उच्च न्यायालय स्थित है, का राज्यपाल उसके पद की शपथ दिलाता है।

भारतीय उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की पदावधि:

उच्च न्यायालय का न्यायाधीश 62 वर्ष की आयु पूरी करने तक अपना पद धारण कर सकता है। परन्तु वह किसी समय राष्ट्रपति को अपना त्यागपत्र दे सकता है। यदि त्यागपत्र में उस तिथि का उल्लेख किया गया है, जिस तिथि से त्यागपत्र लागू होगा, तो न्यायाधीश किसी भी समय अपना त्यागपत्र वापस ले सकता है।


महत्वपूर्ण तथ्य-

  • कलकत्ता हाईकोर्ट भारत में सबसे पुराना उच्च न्यायालय है|
  • बॉम्बे हाई कोर्ट भारत की दूसरी सबसे पुरानी उच्च न्यायालय है|
  • केरल हाईकोर्ट का अधिकार क्षेत्र केरल और लक्षद्वीप पर है|
  • हैदराबाद हाईकोर्ट का अधिकार क्षेत्र तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के राज्यों पर है|
  • पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ राज्यों पर पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय का अधिकार क्षेत्र है।
  • उच्च न्यायालय में प्रथम महिला मुख्य न्यायाधीश कौन थी?- लीला सेठ
  • उच्च न्यायालय की पहली महिला न्यायाधीश का नाम अन्ना चंडी था|
  • देश का सबसे बड़ा उच्च न्यायालय इलाहाबाद उच्च न्यायालय है|
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